Friday, May 24, 2013

तुम्हारा एहसास




अभी अभी
पीपल की झड़ी पत्तियों को
एक तरफ रख कर
जला कर बैठा ही था कि
उसके धुएं में भी
तुम्हारा ही चेहरा नज़र आया
कल भी कुछ ऐसा ही हुआ था
जब रोशनदान से
सूरज की रोशनी
मेरे कमरे में पहुँची थी
तो लगा था
कि तुम आए हो
तुम हर जगह दिखती हो मुझको
तुम नहीं हो
पर...
हर वक़्त तुम्हारा एहसास
मेरे साथ रहता है...!!

मानव मेहता 'मन' 

58 comments:

  1. ये एहसास ... कभी आहट भी बन जाते हैं ...

    ReplyDelete
  2. एहसास ही तो साथ रहते हैं और चलते हैं

    ReplyDelete
  3. bahut hi sundar rachna lagi yah ..shukriya isko sheyar karne ke liye

    ReplyDelete
    Replies
    1. Bahut bahut shukriya Ranjana Ji...
      Sadar....

      Delete
  4. एहसास ही तो इंसान के ज़िंदा होने का प्रमाण है। सुंदर रचना

    ReplyDelete
  5. सही कहा मानव.... ये एहसास ही तो जीने का सबब है वर्ना साँस लेना भर जीना नही होता ... जिस्म साँस लेता तो है ..पर बिना एहसास के उन साँसों में वो रवानी कहाँ.....

    तू नहीं पास मेरे .. दूर ही सही लेकिन
    तेरा एहसास ही काफी है मुझे जीने के लिए ।।

    सुमन

    ReplyDelete
  6. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा शनिवार(25-5-2013) के चर्चा मंच पर भी है ।
    सूचनार्थ!

    ReplyDelete
  7. आपने लिखा....
    हमने पढ़ा....
    और लोग भी पढ़ें;
    इसलिए शनिवार 25/05/2013 को
    http://nayi-purani-halchal.blogspot.in
    पर लिंक की जाएगी.
    आप भी देख लीजिएगा एक नज़र ....
    लिंक में आपका स्वागत है .
    धन्यवाद!

    ReplyDelete
  8. कहीं अन्दर तक छू गया आपका अहसास.

    ReplyDelete
  9. बहुत सुन्दर भावनात्मक अभिव्यक्ति . .आभार . कुपोषण और आमिर खान -बाँट रहे अधूरा ज्ञान साथ ही जानिए संपत्ति के अधिकार का इतिहास संपत्ति का अधिकार -3महिलाओं के लिए अनोखी शुरुआत आज ही जुड़ेंWOMAN ABOUT MAN

    ReplyDelete
    Replies
    1. Shukriya Shalini kaushik ji...
      Aabhar...

      Delete
  10. एहसासों से भी कभी कोई खास बन जाता है !

    ReplyDelete
  11. very nice ......ahsas aur mn ka gahra rishta hai ...

    ReplyDelete
    Replies
    1. Hanji Dr. Nisha... Sahi kha...
      Shukriya...

      Delete
  12. अहसास ही है जो हमें सही रास्ता दिखता है ,अपनों से जोड़े रखता है
    अनुशरण कर मेरे ब्लॉग को अनुभव करे मेरी अनुभूति को
    latest post: बादल तू जल्दी आना रे!
    latest postअनुभूति : विविधा

    ReplyDelete
  13. बहुत ही सुन्दर एहसास,बेहतरीन रचना की प्रस्तुति.

    ReplyDelete
  14. खूबसूरत एहसासों को बड़ी ही खूबसूरती से व्यक्त किया है आपने....

    ReplyDelete
  15. प्यार में ऐसा ही होता है

    ReplyDelete
  16. एहसास ही हैं...जो कभी साथ नहीं छोड़ते...
    ~सादर!!!

    ReplyDelete
  17. आपकी यह रचना कल रविवार (26 -05-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

    ReplyDelete
  18. प्‍यार में ऐसा ही होता है....

    ReplyDelete
  19. बहुत प्यारा

    ReplyDelete
  20. इस शानदार रचना पर बधाई ....जरूरी कार्यो के ब्लॉगजगत से दूर था
    आप तक बहुत दिनों के बाद आ सका हूँ
    !

    ReplyDelete
  21. Der asye, durrust aaye....
    Shukriya Sanjay ji....

    ReplyDelete
  22. आपने लिखा....हमने पढ़ा
    और लोग भी पढ़ें;
    इसलिए कल 02/06/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    आप भी देख लीजिएगा एक नज़र ....
    धन्यवाद!

    ReplyDelete
  23. हमें भी अहसास होता है,आपका अहसास,भावनाओं में डूबा सा,कुछ ठिथुराता सा कुछ गर्माता सा.बेहद सुन्दर प्रस्तुति.

    ReplyDelete

आपकी टिपणी के लिए आपका अग्रिम धन्यवाद
मानव मेहता