Monday, March 06, 2017

रिश्ता


6 comments:

  1. बहुत सुन्दर ! उम्र भर यह रिश्ता यूँ ही साथ साथ चलता रहे ! आमीन !

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  2. सच में यह रिश्ता होता ही है उम्र भर के लिए..बहुत सुन्दर

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  3. रिश्तों का ये सिलसिला बना रहे रो जीवन आसान होता है ...

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  4. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा आज मंगलवार (07-03-2017) को

    "आई बसन्त-बहार" (चर्चा अंक-2602)

    पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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आपकी टिपणी के लिए आपका अग्रिम धन्यवाद
मानव मेहता