Sunday, March 10, 2013

तेरा एहसास















डूब  कर  तेरे  एहसास  के  समंदर  में 

मुझे तेरे प्यार का एक मोती मिल गया 

सेहरा-ए-बंजर  थी  ये  हस्ती  मेरी 


मिले तुम जीने का एक सबब मिल गया..!! 




मानव मेहता 'मन'

17 comments:

  1. .बहुत सुन्दर भावनात्मक प्रस्तुति."महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें" आभार मासूम बच्चियों के प्रति यौन अपराध के लिए आधुनिक महिलाएं कितनी जिम्मेदार? रत्ती भर भी नहीं . .महिलाओं के लिए एक नयी सौगात WOMAN ABOUT MAN

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    1. शुक्रिया शालिनी जी ..आपको भी शुभकामनाएं ...

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  2. भावना प्रबल है मानव जीवन में .........बंजर ज़मीन हो या उदास जीवन ......जरा सा स्नेह रुपी जल मिल जाये तो
    हरित क्रांति आ सकती है ....... सुंदर भावात्मक सृजन

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    1. bilkul sahi kha aapne Poonam ji...
      is trh ke 'Jal' ki to... ham sabko aas rehti hai... :))

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    1. शुक्रिया रश्मि जी :)

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  4. एहसास बना रहे......जीने का सबब कायम रहे ।
    सुंदर अभिव्यक्ति ।

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  5. क्या बात है,बेहतरीन प्रस्तुति.

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    1. शुक्रिया जनाब :))

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    1. बस यही बात है हीर जी .. एहसास और लफ्ज़ का ताना बाना

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  7. बहुत खूब ... जीने का सबब मिल जाए तो मंजिल आसान हो जाती है ...
    लाजवाब ...

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    1. शुक्रिया दिगम्बर जी ...

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  8. खो जाने में ही पाने का सुख है ..।

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  9. आपने मेरे ब्लॉग पर आकार एक एहसान किया
    वरना कुछ बेहतरीन एहसासों से महरूम रह जाती

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आपकी टिपणी के लिए आपका अग्रिम धन्यवाद
मानव मेहता