Wednesday, February 27, 2013

रूठे लफ्ज़


32 comments:

  1. Kahti hai sda ye meri
    tujh pr lafzo ki barsat ho
    khushbu faile kalam ki
    Har lafz bahut asardar ho....

    Khoob likho.. Lafz to aise hi hote hain..kbhi hamse rooth jate hain..kbhi maan jate hain..isi ruthne manane se to nazm bnti hai..kavita ka srijan hota hai..mann kuchh ghadta hai apne ander..aur lafzon ka roop le leta hai....

    ReplyDelete
  2. बहुत खुबसूरत , लाजबाब , मुबारक हो...........

    ReplyDelete
  3. आपकी यह रचना पढ़कर चाँदनी फिल्म के गीत के दो बोल याद आगाए

    " कोई कशा दिल पे ज़रा हाथ रखड़े मेरे दिल के टुकड़ों को एक साथ रख दे मगर यह है ख्वाबों ख़यालों की बातें भला टूट कर चीज़ कोई जुड़ी है"....

    ReplyDelete
    Replies
    1. पल्लवी जी ..बहुत सुंदर गीत याद करा दिया आपने ... :)))

      Delete
  4. बहुत ही सुन्दर,आभार.

    ReplyDelete
  5. या बात है ... रूठे शब्दों को शायद उनकी तलाश है ...
    गहरा आभास ...

    ReplyDelete
    Replies
    1. kuch aisa hi samajh lijiye digambar ji.... shukriya.. :)

      Delete
  6. Nice post.....
    Mere blog pr aapka swagat hai

    ReplyDelete
  7. manav .......bahut khoob likha ........ye lafz hi azaaaaaaaaad khyalon ko mala mei piro dete hain

    ReplyDelete
  8. मंगलवार 12/03/2013 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं .... !!
    आपके सुझावों का स्वागत है .... !!
    धन्यवाद .... !!

    ReplyDelete
  9. शुक्रिया मानव . मेरी कविता को पसंद करने के लिए
    आपकी ये नज़्म पढ़ी . बहुत सुन्दर लिखा है .. बधाई स्वीकार करिए
    प्रेम के कई शेड्स है इसमें. शब्द भावपूर्ण है .

    विजय
    www.poemsofvijay.blogspot.in

    ReplyDelete
  10. वाह... उम्दा, बेहतरीन अभिव्यक्ति...बहुत बहुत बधाई...

    ReplyDelete
  11. बहुत खूब सार्धक
    महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ ! सादर
    आज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में
    अर्ज सुनिये
    कृपया मेरे ब्लॉग का भी अनुसरण करे

    ReplyDelete
  12. वाह ...बहुत खूब!

    ReplyDelete
  13. सार्थक और सुंदर रचना .....
    आप भी पधारो स्वागत है ...
    http://pankajkrsah.blogspot.com

    ReplyDelete
    Replies
    1. shukriya Pankaj ji ...jarur padharenge jnaab :))

      Delete

आपकी टिपणी के लिए आपका अग्रिम धन्यवाद
मानव मेहता