Friday, February 08, 2013

वीरान-ए-बहार

Valentine Week Special :)










झुकी हुई पलकों से कुछ इशारे हो गए,
डूबते हुए नखुदा को सहारे हो गये...

उम्र भर चाहता रहा खुद को,
इक नज़र में गैर भी प्यारे हो गए...

नशा छाया तुम्हारा हम पे कुछ ऐसा,
बिन सोचे समझे हम तुम्हारे हो गए...

मुझे जब से फलक पर बिठा दिया है तुमने,
तबसे मेरे हमराह चाँद सितारे हो गए...

इक अदद से दिल मेरा सूना सा रहता था,
वीरानों में भी बहारों के नजारे हो गए....!!


Manav Mehta ‘मन’

35 comments:


  1. दिनांक 10/02/2013 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपकी प्रतिक्रिया का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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    1. Meri rachna ko halchal me shamil karne ke liye shukriya Mathur ji :)

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  2. वाह बहुत खूब...

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  3. मानव .....हम आपके कायल हो गए

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    1. Poonam ji ..bas aap sab dosto ki nazar-e-inayat hai :)

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  4. बढि़या है...उत्तम!!

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    1. dil se shukriya pasand karne ke liye aur follower bane ke liye :)

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  6. bahut khoob manav ji...valentine day par pyaar bhari prastuti!

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  7. उनका नशा तो ऐसा ही होता है ... कुछ समझ नहीं आता चढ़ने के बाद ...
    खूबसूरत गज़ल ...

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  8. सुन्दर...बहुत सुन्दर..

    अनु

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  9. वाह ... बहुत ही बढिया।

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  10. इसे पढ़कर फैज की खुशनुमा नज्में याद आ रही हैं। बहुत खूब

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आपकी टिपणी के लिए आपका अग्रिम धन्यवाद
मानव मेहता